Wednesday, September 5, 2018

Adjectives & Adverbs in Hindi @ Mathiars

Adjectives and adverbs in Hindi 

Visit www.bharathvidhyalay.com
Look...



Adjective - विशेषण

विशेषण संज्ञा की विशेषता बताता है । यह संज्ञा/सर्वनाम की विशेषता, स्थिति, साइज, रंग, चरित्र इत्यादि सभी के बारे में बताता है ।
उदाहरणः स्मार्ट लड़का, सुंदर लड़की, काला कुत्ता, मजबूत आधार, अच्छी सलाह । शब्द - 'स्मार्ट', 'सुंदर', 'काला', 'मजबूत', 'अच्छी' विशेषण है जो नाउन के बारे में ज्यादा सूचना/विवरण देते हैं ।

एक से ज्यादा विशेषण एक ही वाक्य में एक ही नाउन के साथ आ सकते हैं ।
उदाहरण :

अच्छी एयरलाइन लंबी एयर-होस्टेस को नियुक्त करती है ।
अच्छी एयरलाइन लंबी और सुंदर एयर-होस्टेस को नियुक्त करती है ।
अच्छी एयरलाइन लंबी, सुंदर और बुद्धिमान एयर-होस्टेस को नियुक्त करती है ।

Use of Adjective 

एड्जिक्टिव वाक्य में दो जगह इस्तेमाल होता है (1) नाउन से पहले और (2) कुछ वर्ब से पहले ।
Examples of Adjectives before noun

Sentenceवाक्यAdjective
Avyan is an intelligent boy.अव्यन एक बुद्धिमान लड़का है ।intelligent
Symptom of Degue fever is high fever.तेज बुखार ड़ेन्गु बुखार का लक्षण है ।high
Every dog has his dayहर कुत्ते का अपना दिन होता है ।every
Vartika won the first prize.वर्तिका ने प्रथम पुरूस्कार जीता ।first
My sister lives in the next house.मेरी बहन अगले मकान में रहती है ।next
Mind your own business.अपने काम से मतलब रखो ।own
His hand has six fingers.उसके हाथ में छह उंगलियां हैं ।six
Most boys like the cricket.ज्यादातर बच्चे क्रिकेट पसंद करते हैं ।most
I have not seen you for many daysमैने कई दिनों से तुम्हें नही देखा है ।many

Examples of Adjectives after some verbs

Sentenceवाक्यAdjective
It appears difficult.यह मुश्किल लगता है ।difficult
Food in your marriage was delicious.तुम्हारी शादी में खाना टेस्टी था ।delicious
Mothers should not become angry on kids.माताओ को बच्चो पर गुस्सा नही होना चाहिए ।angry
The bride looks attractive.दुल्हन सुंदर दिखती है ।attractive
The target seems simple for you.लक्षय तुम्हारे लिए आसान है ।simple
You fly high.तुम उंचा उड़ो ।high
Do not become naughty.शरारती मत बनो ।naughty



IIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIII



Adverb - क्रिया-विशेषण

क्रिया-विशेषण वर्ब या एड्जिक्टिव या दूसरे एड़्वर्ब की विशेषता बताता है । यह व्याख्या करता है की कैसे, कहां, कब, कितनी बार और क्यों कुछ होता है ।

उदाहरण : बिल्ली जल्दी से टेबल पर चढ़ गई ।
शब्द 'quickly-जल्दी से' चढ़ने की विशेषता बताता है कि बिल्ली बिना समय गंवाए टेबल पर जल्दी से चढ़ गई ।

Examples :

Sentenceवाक्यAdverb
Please try again.दोबारा कोशिश किजिए ।again
He rises early in the morning.वह सुबह जल्दी उठता है ।early
She sings delightfully.वह खुशी से गाती है ।delightfully
Don't go far.दूर मत जाओ ।far
Shiva jee fought bravely.शिवाजी बहादुरी के साथ लड़े ।bravely
I am fully prepared.मैं पूरी तरह तैयार हूँ ।fully
He certainly went.वह अवश्य चला गया ।certainly
He drives slowly.वह धीरे चलता है ।slowly
She cried very loudlyवह बड़ी जोर से चिल्लाई ।very, loudly
I hurt my finger yesterday.मैने अपनी उंगली को कल चोट लगा ली ।yesterday
He seldom comes here.वह यहां बहुत कम (विरले ही) आता है ।seldom
Adverbs modifying the Adjectives - (1) It is really a good time of us.(2) My boss is really good. (3) My son-in-law is really handosome.

Adverbs modifying another Adverbs -(1) He drives very fast. (2) He managed very quickly. (3) She speaks very softly.

Formation of Adverbs
Generally adverbs are formed by adding : '-ly', by changing '-e' to '-y', '-y' to '-ily', '-ic' to '-ically' in the last of the Adjectives. There are many exceptions.

* beautiful >= beautifully
* slow >= slowly
* serious >= seriously
* careless >= carelessly
* terrible >= terribly
* reliable >= reliably
* happy >= happily
* logic >= logically
* economic >= economically



Conjunction in Hindi @ mathiars

           Conjunction in Hindi 

Visit www.bharathvidhyalay.com
Look ...



Conjunctions - समुच्चयबोधक

समुच्चयबोधक शब्द दो वाक्यों को या वाक्यों के दो भाग को जोड़ता है ।
Common Conjunctions are - and, but, or, nor, for, yet, so, although, because, since, unless, when, while, where etc.
Example: He is sitting at the dining table but he is not eating. (The conjunction "but" joins two sentences (1) He is sitting at the dining table. (2) He is not eating.)

वह खाना की टेबल पर बैठा है परंतु खाना नही खा रहा है । (समुच्चयबोधक शब्द "परंतु/but" दो वाक्यों को जोड़ रहा है - (1) वह खाने की टेबल पर बैठा है । (2) वह खाना नही खा रहा है) ।
Types of Conjunctions
There are mainly two types of Conjunctions

Coordinating Conjunction
Subordinate Conjunction


Coordinating Conjunctions

Coordinating conjunction शब्द तब प्रयोग किये जाते हैं जब हम वाक्य के दो बराबर/स्वतंत्र भाग जोड़ना चाहते हैं । ये भाग महत्व और दर्जे में हमारी स्पीच में समान है ।
(e.g. And , Now ,But , Still , So , Only , Therefore , For , However , Hence , Either...or... , Neither... nor... , Both... and , While , Then)
Example: 

He has applied for a job therefore he has joined coaching class.
I requested him but he did not give his pen.
Everyone has finished their lunch hence they are going to sleep.
He has either purchased a shirt or a pant.
Do not talk over mobile while you are driving.
He is hungry so he is crying.

उसने नौकरी के लिए आवेदन किया है इसलिए उसने कोचिंग क्लास जॉइन की है ।
मैने उससे रिक्वेस्ट की परंतु उसने अपना पेन नही दिया ।
हर एक ने अपना लंच खत्म कर लिया इसलिए वे सोने जा रहे हैं ।
उसने या तो शर्ट खरीदी है या पेन्ट ।
ड्राइविंग करते हुए मोबाइल पर बात मत करो ।
वह भूखा है इसलिए वह रो रहा है ।

Subordinate Conjunctions
Subordinate conjunctions join subordinate clause with main clause of the sentence. Subordinate clause is a combination of words which requires main clause to complete the meaning and sentence. Subordinate Conjunctions are used to join the words or group of words which are dependent on each other.

Subordinate conjunction शब्द उपवाक्य को मुख्य वाक्य से जोड़ते हैं । उपवाक्य उन शब्दों का समुह है जिसे वाक्य का पूरा अर्थ व्यक्त करने के लिए मुख्य वाक्य की जरूरत होती है । Subordinate Conjunction उन शब्दों या शब्दों के समुह को जोड़ने के लिए प्रयुक्त होते हॆं जो एक दूसरे पर निर्भर हैं ।
(e.g. if, before, how, once, since, till, until, when, where, whether, while, after, although, because, how, provided that, as soon as, even if,

Example: 

Please complete your homework before your paapaa comes.
Please inform me as soon as he reaches.
He will go to London if he gets Visa.
He will not agree to marry her even if they offer him a big flat.
Although he studied hard, he could not qualify the exam.
Since he has crossed the age of 25 years, he could not apply for the job

तुम्हारे पापा के आने से पहले, अपना होमवर्क पूरा कर लो ।
कृपया जैसे ही वह आए, मुझे सूचित करें ।
वह लंदन जाएगा अगर उसे वीज़ा मिल जाए ।
वे अगर बड़ा फ्लेट देने का ऑफर करें तब भी वह उससे शादी के लिए तैयार नही होगा ।
यध्यपि उसने कड़ी पढ़ाई की, पर वह इग्ज़ैम में पास ना हो सका.
चुंकि वह 25 साल से बड़ा हो गया है, इसलिए वह नौकरी के लिए आवेदन नही कर सका ।

IIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIII

Interjection - विस्मयादिबोधक

विस्मयादिबोधक शब्द अचानक और मजबूत भावनांओ को व्यक्त करते हैं । विस्मयादिबोधक चिन्ह " ! " विस्मयादिबोधक शब्द के बाद लगाया जाता है ।
e.g. oh, ah, wow, hurrah, alas, ouch, Oops, aha, hey, etc.
Example: 
Hurrah! India has won the match.
Alas! His father is dead.
Ouch! You are hurting me.
Oh! I forgot your name.

उदाहरणः 
हुर्रे! इंडिया ने मैच जीत लिया ।
अलैस! उसके पिताजी मर गए ।
आउच! तुम मुझे चोट पहुंचा रहे हो ।
ओह! मैं तुम्हारा नाम भूल गया ।
Normal word can also be used as Interjection for expressing feeling or emotion by putting exclamation sign " ! " after it.

e.g. - No! Don't touch the iron, it's hot.
Help! I am sinking.

Short list of Exclamatory words
WordMeaningSentence
aah!FrightAah! This shoe is hurting me.
boo!ContemptBoo! Stop the drama.
eek!Surprised, screamEeek! A cockroach.
eww!DisgustingEwww! It is full of filthy things.
hmm!HesitationHmm! I'm not sure about it.
hurrah!joyHurrah, we won!
nah!noDo you want more drink? Nah! I'm OK.
oh!I seeOh! You wanted to sit with him.
ooh!WonderfulOooh! it's lovely.
oops!Surprise on acknowledging mistake, errorOops! I parked my car at your parking.
ouch!painOuch! It is hurting my finger.
wow!Impressed, astonishedWow! that's incredible.
yeah!YesYeah! Kick his butt!
Alas!sorrowAlas! He lost everything in the gamble.






Prepositions in Hindi @ mathiars

Prepositions in Hindi
Visit www.bharathvidhyalay.com
Look...



Preposition - पूर्वसर्ग

प्रेपोज़िशन वह शब्द जो नाउन या प्रोनाउन का वाक्य के दूसरे शब्दों के बीच का संबंध बताता है । प्रेपोज़िशन हमेशा नाउन या प्रोनाउन से पहले आता है ।
Use of Preposition
On or Upon > = के ऊपर - जब कोई चीज टच करे
My book is on the table. My pen is also on the table
मेरी पुस्तक टेबल पर है । मेरा पेन भी टेबल पर है ।
Over > = के ऊपर - जब कोई चीज टच ना करे
The fan is over my head. The clock is over Madhur's head.
पंखा मेरे सिर के ऊपर है । घड़ी मधुर के सिर के ऊपर है ।
In > = में
We are sitting in the drawing room. Rajani is living in Mumbai.
हम ड्राइंग रूम में बैठे हैं । रजनी मुंबई में रहती है ।
Into > = में - जब कोई चीज किसी में घुस जाए ।
The boy jumped into the river. The car dashed into the showroom.
लड़का पानी में कूद गया । कार टकरा के शोरूम में घुस गई ।
Within > = के अंदर
I shall finish this work within five days. Raman will come from Agra within five hours.
मैं यह काम 5 दिन में खत्म कर लुंगा । रमन आगरा से पांच घंटे में आ जाएगा ।
Under > = के नीचे
My feet are under the table. The bag is lying under the chair.
मेरे पांव टेबल के नीचे हैं । बेग कुर्सी के नीचे है ।
Of > = का, के, की
Prashant is brother of Shantur. He is a student of Birla School.
प्रशांत शांतुर का भाई है । वह बिरला स्कूल का विधार्थी है ।
Off > = संबंध विच्छेद या रिश्तों का टुटना
Switch off the light. Take off your clothes.
बिजली का बटन बंद करो । अपने कपड़े उतारो ।
From > = से
Ankit has come from Delhi. India has taken loan from world bank.
अंकित दिल्ली से आया है । भारत ने वर्ल्ड बेंक से लोन लिया है ।
For > = के लिए
My heart is beating for you. I have brought a pencil for Viyaan.
मेरा दिल तुम्हारे लिए धड़क रहा है । मैं वियान के लिए पेंसिल लाया हूँ ।
At > = की तरफ
Why are you looking at me? He threw the ball at my side.
तुम मेरी तरफ क्यों देख रहे हो? उसने बॉल मेरी तरफ फेंकी ।
With > = के साथ
I play with my friends. Avyan will go to school with us.
मैं अपने दोस्तों के साथ खेलता हूँ । अव्यन हमारे साथ स्कूल जाएगा ।
By > = के द्वारा
This has been broken by Shyam. This letter has been written by Sarla.
यह श्याम के द्वारा तोड़ा गया है । यह पत्र सरला के द्वारा लिखा गया है ।
After > = के बाद
Kanika will come from school after Vartika. Papa goes to office after Daadaajee.
कनिका वर्तिका के बाद स्कूल से आएगी । पापा दादाजी के बाद ऑफिस जाते हैं ।
Against > = के विरूद्ध
Raj complains against Jay. India is playing against Pakistan.
राज जय के विरूद्ध शिकायत करता है । भारत पाकिस्तान के खिलाफ खेल रहा है ।
About > = बारे में
Tell me something about your city. Tell about your success.
अपने शहर के बारे में कुछ बताओ । अपनी सफलता के बारे में बताओ ।


Preposition List - पूर्वसर्ग सुची

प्रेपोज़िशन के सैकड़ो शब्द हैं । नीचे एक छोटी लिस्ट दी गई है । आप जैसे जैसे ज्यादा इंग्लिश पढ़ोगे और ऑनलाइन डिक्शनरी की मदद लोगे, तुम सभी आसान और मुश्किल प्रेपोज़िशन समझ जाओगे ।

PrepositionMeaningअर्थExampleउदाहरण
abovehigher than something else, but not directly over itके ऊपर - टच ना करेThere is a bridge above the river.नदी पर पुल (ब्रिज) है ।
acrossgetting to the other side ( over)एक सिरे से दूसरे सिरे तकThere isn't a bridge across the river.नदी के आर पार पुल नही है ।
afterone follows the otherपीछे, बाद मेंThe dog ran after the cat.कुत्ता बिल्ली के पीछे भागा ।
againstdirected towards somethingविरूद्धHe has complained against me.उसने मेरे विरूद्ध शिकायत की ।
agoa certain time in the pastबीते समय पहलेLong time ago, there was a king.बहुत समय पहले एक राजा था ।
amongin a groupसमुह मेंSocial person enjoy among people.सामाजिक व्यक्ति लोगो के समुह में मौज करता है ।
beforeearlier than a certain point of timeकुछ समय पहलेHe reached before Rajani.वह रजनी से पहले पहुंच गया ।
behindat the back ofपीठ पीछेThe kid was running behind his mother.बच्चा मां के पीछे दौड़ रहा था ।
besidenext toपास मेंHe lives beside my house.वह मेरे घर के पास में रहता है ।
betweensomething/sb. is on each sideके बीच मेंHe is sitting between his parents.वह अपने माता पिता के बीच में बैठा है ।
byin the sense of at the latest(आखिरी सीमा) तकI shall be back by 6 o’clock.मैं 6 बजे तक वापस आ जाऊंगा ।
byleft or right of somebody or somethingकिसी के एक तरफShe is standing by the car.वह कार के पास खड़ा है ।
close tonearनजदीकMarket is close to my houseमार्किट मेरे घर के नजदीक है ।
downfrom high to lowऊपर से नीचेHe came down the hill.वह पहाड़ से नीचे आ गया ।
forover a certain period of time (past till now)के लिए, अनिश्चित समय बताने के लिएThis is for you. He has gone abroad for two years.यह आपके लिए है । वह दो साल के लिए विदेश गया है ।
fromin the sense of where fromसेHe comes from NOIDA.वह नोयडा से आता है ।
in front ofthe part that is in the direction it facesके सामनेThere is a garden in front of our house.गार्डन हमारे घर के सामने है ।
insideopposite of outsideअंदरYou shouldn't stay inside the car.तुम्हें कार के अंदर नही रहना चाहिए ।
intoentering somethingमें (जब कोई चीज किसी में घुस जाए)Don't go into the kitchen.रसोई में मत जाओ ।
nearclose toनजदीकOur house is near the market.हमारा घर मार्किट के नजदीक है ।
next toleft or right of somebody or somethingबाजु मेंShe is standing next to the car.वह कार के बाजु में खड़ी है ।
offaway from something or removeकिसी चीज से दूर जानाTake that weight off me.उस वजन को मुझ पर से हटाओ ।
out ofleaving somethingबाहर (किसी चीज को छोड़ना)The cat jumped out of the window.बिल्ली खिड़की से बाहर कूद गई ।
overabove something/sb.ऊपर (टच ना करे)The cat jumped over the wall.बिल्ली दीवार के ऊपर से कूद गई ।
overcovered by something elseऊपर (किसी चीज से ढ़कना)put a jacket over your shirtशर्ट के ऊपर जैकेट पहन लो ।
roundin a circleगोलाकार मेंWe're sitting round the campfire.हम केम्प-फॉयर के चारों तरफ बैठे हैं ।
totowards something/sb.किसी की तरफI am going to school.मैं स्कूल जा रहा हूँ ।
towardsin the direction of somethingकिसी की दिशा मेंWe ran towards the thief.हम चोर की दिशा में दौड़े ।
underon the ground, lower than (or covered by) something elseके नीचेThe cat is under the table.बिल्ली टेबल के नीचे है ।







Pronoun in Hindi @ mathiars

              Pronoun in Hindi 

Visit www.bharathvidhyalay.com
Look...


                        Pronoun -सर्वनाम

सर्वनाम – संज्ञा के स्थान पर प्रयोग होने वाला शब्द सर्वनाम है । सर्वनाम का मतलब 'संज्ञा के लिए' । Example:Avyan is also a member of the Jury.
So, he is also responsible for the Judgement.

पहले वाक्य में अव्यन व्यक्ति का नाम है । अव्यन संज्ञा है । उदाहरण में जब दूसरे वाक्य में अव्यन के बारे में कहा गया है, तब अव्यन के लिए 'वह' शब्द का प्रयोग हुआ है । 'वह' सर्वनाम है ।
Example: Jaipur is a pink city. It has many tourist places. In these sentences, Jaipur is a noun. It is a pronoun. Rules for Pronouns सर्वनाम संज्ञा के अनुरूप ही होना चाहिए । संज्ञा अगर सिंगुलर है तो सर्वनाम सिंगुलर होना चाहिए, संज्ञा अगर प्लुरल है तो सर्वनाम प्लुरल होना चाहिए और संज्ञा अगर स्त्रीलिंग है तो सर्वनाम भी स्त्रीलिंग होना चाहिए ।

Example:
Dog was barking. It was black.
Dogs were barking at night. They were also black.

TypeBrief descriptionसंक्षिप्त विवरणPronouns
Personal PronounDescribes a particular person or thing or group.व्यक्ति, वस्तु के बारे में बताता है ।I, you, he, she, it, we and they.
Possessive PronounIndicates close possession or ownership or relationship of a thing/person to another thing/person.व्यक्ति/वस्तु का दूसरे व्यक्ति/वस्तु के बीच का संबंध बताता है ।mine, yours, his, hers, ours, theirs.
Reflexive PronounDescribes noun when subject's action turns back upon the subject itself. Reflexive pronouns always act as objects not subjects, and they require an interaction between the subject and an object.सब्जेक्ट के खुद का प्रभाव खुद पर बताता है ।himself, yourself, herself, ourselves, themselves, itself.
Demonstrative PronounPoints out to a person, place, or thing.किसी व्यक्ति, वस्तु, स्थान को इंगित करता है ।this, that, these, those.
Relative pronounDescribes a noun which is mentioned before and more information is to be given about it. It joins relative clause and relative sentence. It does double work - the work of a pronoun and also the work of a conjunction.वाक्य में पहले आए हुए नाउन के बारे में बताता है और पहले व दूसरे वाक्य को जोड़ता है ।who, whose, which, that, etc..
Interrogative PronounIs used to ask a question.प्रश्न पूछता है ।who, what, where, which, whose, whom.
Indefinite PronounRefer to persons or things in general.वस्तु/स्थान को साधारणतया बताता है ।One, many, all, some, somebody, someone, few, many, others, nobody, everybody etc
Distributive PronounUsed to indicate all the members of the representative group.ग्रुप के सभी सदस्यों को एक साथ इंगित करता है ।Each, everyone, either and neither 

Examples:

Sentenceवाक्यPronoun
I am youngमैं जवान हूँ ।I
This is my book.यह मेरी पुस्तक है ।this, my
This book is mine.यह पुस्तक मेरी है ।this, mine
The idea of my wife was excellent.मेरी पत्नी का सुझाव बढ़िया था ।my
He loves his dog and it also loves him.वह अपने कुत्ते को प्यार करता है और वह (कुत्ता) भी उसे प्यार करता है ।he, it
It was I who started the dance.यह मैं था जिसने ड़ांस की शुरूवात की थी ।it, I
It is winter. It is very cold.सर्दी है । बहुत ठंड है ।it, it
I met Vartika who had just returned from USA.मैं वर्तिका से मिला जो अभी USA से वापस आई है ।I, who
Each of the participants, got prize.हर एक भाग लेनेवालों को इनाम मिला ।each
Either of you can go to office.तुम में से कोई एक ऑफिस जा सकता है ।Either, you
I have lost the pen that my teacher gave meमैने वह पेन खो दिया जो मेरे टीचर ने मुझे दिया था ।I, that, my



Letter writing in Hindi @ mathiars

         Letter writing in Hindi 

Visit www.bharathvidhyalay.com

Look...










Monday, September 3, 2018

Kids Story 2 @ Mathiars

Kids Story -2.
Visit @ www.bharathvidhyalay.com

Look...

             1. दुष्टता का फल


कंचनपुर के एक धनी व्यापारी के घर में रसोई में एक कबूतर ने घोंसला बना रखा था । किसी दिन एक लालची कौवा जो है वो उधर से आ निकला । वंहा मछली को देखकर उसके मुह में पानी आ गया ।  तब उसके मन में विचार आया कि मुझे इस रसोघर में घुसना चाहिए लेकिन कैसे घुसू ये सोचकर वो परेशान था तभी उसकी नजर वो कबूतरों के घोंसले पर पड़ी ।
उसने सोचा कि मैं अगर कबूतर से दोस्ती कर लूँ तो शायद मेरी बात बन जाएँ । कबूतर जब दाना चुगने के लिए बाहर निकलता है तो कौवा उसके साथ साथ निकलता है । थोड़ी देर बाद कबूतर ने पीछे मुड़कर देखता तो देखा कि कौवा उसके पीछे है इस पर कबूतर ने कौवे से कहा भाई तुम मेरे पीछे क्यों हो इस पर कौवे ने कबूतर से कहा कि तुम मुझे अच्छे लगते हो इसलिए मैं तुमसे दोस्ती करना चाहता हूँ इस पर कौवे से कबूतर ने कहा कि हम कैसे दोस्त बन सकते है हमारा और तुम्हारा भोजन भी तो अलग अलग है मैं बीज खाता हूँ और तुम कीड़े । इस पर कौवे ने चापलूसी दिखाते हुए कहा “कौनसी बड़ी बात है मेरे पास घर नहीं है इसलिए हम साथ साथ तो रह ही सकते है है न और साथ ही भोजन खोजने आया करेंगे तुम अपना और मैं अपना ।”
इस पर घर के मालिक ने देखा कि कबूतर के साथ एक कौवा भी है तो उसने सोचा कि चलो कबूतर का मित्र होगा इसलिए उसने उस बारे में अधिक नहीं सोचा । अगले दिन कबूतर खाना खोजने के लिए साथ चलने को कहता है तो कौवे ने पेट दर्द का बहाना बना कर मना कर दिया । इस पर कबूतर अकेला ही चला गया क्योंकि कौवे ने घर के मालिक को यह कहते हुए सुना था नौकर को कि आज कुछ मेहमान आ रहे है इसलिए तुम मछली बना लेना ।
उधर कौवा नौकर के रसोई से बाहर निकलने का इन्तजार ही कर रहा था कि उसके जाते ही कौवे ने थाली और झपटा और मछली उठाकर आराम से खाने लगा । नौकर जब वापिस आया तो कौवे को मछली खाते देख गुस्से से भर गया और उसने कौवे को पकड़ कर गर्दन मरोड़ कर मार डाला ।

जब शाम में कबूतर वापिस आया तो उसने कौवे की हालत देखी तो सारी बात समझ गया । इसलिए कहा गया है दुष्ट प्रकृति के प्राणी को उसके किये की सज़ा अवश्य मिलती है


2. चतुर लोमड़ी


एक जंगल में शेर, लोमड़ी और गधे नए-नए दोस्त बने. तीनों ने मिलकर शिकार करने की योजना बनाई और सबने मिलकर यह फैसला लिया कि शिकार के तीन हिस्से होंगे और तीनों का शिकार पर बराबर का हक होगा. तीनों ही फिर निकल पड़े शिकार की तलाश में.

थोड़ी देर बाद ही उन्हें जंगल में एक हिरण नज़र आया. वो हिरण इन सबसे बेख़बर अपना भोजन कर रहा था. लेकिन जैसे ही हिरण ने ख़तरे को भांपा, वो तेज़ी से दौड़ पड़ा. लेकिन वो कब तक इनसे भागता, आख़िर ये तीन थे और वो अकेला. आख़िरकार वो थक कर चूर हो गया.
शेर ने मौका देखते ही उस पर हमला बोल दिया और उसे मार गिराया.तीनों बहुत ख़ुश हुए. शेर ने गधे से कहा, “शिकार के तीन हिस्से कर दो दोस्त.” गधे ने शिकार के तीन बराबर हिस्से कर दिए, लेकिन यह बात शेर को पसंद नहीं आई और वो ग़ुस्से से दहाड़ने लगा. शेर ने गधे पर भी हमला बोल दिया और देखते ही देखते अपने नुकीले दांतों और पंजों से उसे दो हिस्सों में काटकर अलग कर दिया.

उसके बाद उसने लोमड़ी से कहा, “लोमड़ी, तुम भी अपना हिस्सा क्यों नहीं ले लेती?”
लोमड़ी बहुत ही चतुर और समझदार थी. उसने हिरण का एक चौथाई हिस्सा ही अपने लिए लिया और बाकी का तीन चौथाई हिस्सा शेर के लिए छोड़ दिया.

ये देख शेर बेहद प्रसन्न हुआ और ख़ुश होकर बोला, “वाह! लोमड़ी मेरी दोस्त, तुमने भोजन की बिल्कुल सही मात्रा मेरे लिए छोड़ी है… तुम सचमुच बहुत ही समझदार हो. आख़िर तुमने इतने समझदारी कहां से सीखी?”

लोमड़ी ने जवाब दिया, “महाराज! दरअसल, इस बेव़कूफ़ गधे की हालत व दुर्दशा देखकर ही मैं समझ गई थी कि आप क्या चाहते हैं. इसकी बेव़कूफ़ी से ही मैंने सीख ली.


सीख: स़िर्फ अपनी ही ग़लतियों से नहीं, दूसरों की ग़लतियों से भी सीखना चाहिए. जी हां, दूसरों की ग़लतियां भी आपकी सीख का कारण बन सकती है, ज़रूरी नहीं कि आप अपनी ग़लती होने का ही इंतज़ार करें! समझदार व्यक्ति दूसरों की ग़लतियों से भी सीख ले लेता है.


3.  तीन मछलियां  


एक बड़ा जलाशय था। जलाशय में पानी गहरा होता है इसलिए उसमें काई तथा मछलियों का प्रिय भोजन जलीय सूक्ष्म पौधे उगते हैं। ऐसे स्थान मछलियों को बहुत रास आते हैं। उस जलाशय में भी बहुत-सी मछलियां आकर रहती थीं। अंडे देने के लिए तो सभी मछलियां उस जलाशय में आती थीं। वह जलाशय आसानी से नजर नहीं आता था।



उसी में 3 मछलियों का झुंड रहता था। उनके स्वभाव भिन्न थे। पिया नामक मछली संकट आने के लक्षण मिलते ही संकट टालने का उपाय करने में विश्वास रखती थी। रिया कहती थी कि संकट आने पर ही उससे बचने का यत्न करो। चिया का सोचना था कि संकट को टालने या उससे बचने की बात बेकार है। करने-कराने से कुछ नहीं होता, जो किस्मत में लिखा है, वह होकर रहेगा।



एक दिन शाम को मछुआरे नदी में मछलियां पकड़कर घर जा रहे थे। बहुत कम मछलियां उनके जालों में फंसी थीं। अत: उनके चेहरे उदास थे। तभी उन्हें झाड़ियों के ऊपर मछलीखोर पक्षियों का झुंड जाता दिखाई दिया। सबकी चोंच में मछलियां दबी थी। वे चौंके।



एक ने अनुमान लगाया, 'दोस्तों! लगता है झाड़ियों के पीछे नदी से जुड़ा जलाशय है, जहां इतनी सारी मछलियां पल रही हैं।'



मछुआरे पुलकित होकर झाड़ियों में से होकर जलाशय के तट पर आ निकले और ललचाई नजर से मछलियों को देखने लगे।



एक मछुआरा बोला, 'अहा! इस जलाशय में तो मछलियां भरी पड़ी हैं। आज तक हमें इसका पता ही नहीं लगा।'



'यहां हमें ढेर सारी मछलियां मिलेंगी।' दूसरा बोला।



तीसरे ने कहा, 'आज तो शाम घिरने वाली है, कल सुबह ही आकर यहां जाल डालेंगे।'



इस प्रकार मछुआरे दूसरे दिन का कार्यक्रम तय करके चले गए। तीनों मछलियों ने मछुआरे की बात सुन ली थी।



पिया मछली ने कहा, 'साथियो! तुमने मछुआरे की बात सुन ली। अब हमारा यहां रहना खतरे से खाली नहीं हैं। खतरे की सूचना हमें मिल गई है। समय रहते अपनी जान बचाने का उपाय करना चाहिए। मैं तो अभी ही इस जलाशय को छोड़कर नहर के रास्ते नदी में जा रही हूं। उसके बाद मछुआरे सुबह आएं, जाल फेंके, मेरी बला से। तब तक मैं तो बहुत दूर अठखेलियां कर रही होऊंगी।'



रिया मछली बोली, 'तुम्हें जाना है तो जाओ, मैं तो नहीं आ रही। अभी खतरा आया कहां है, जो इतना घबराने की जरूरत है। हो सकता है संकट आए ही न। उन मछुआरों का यहां आने का कार्यक्रम रद्द हो सकता है, हो सकता है रात को उनके जाल चूहे कुतर जाएं। हो सकता है, उनकी बस्ती में आग लग जाए। भूचाल आकर उनके गांव को नष्ट कर सकता है या रात को मूसलधार वर्षा आ सकती है और बाढ़ में उनका गांव बह सकता है इसलिए उनका आना निश्चित नहीं है। जब वे आएंगे, तब की तब सोचेंगे। हो सकता है मैं उनके जाल में ही न फंसूं।'



चिया ने भाग्यवादी बात कही, 'भागने से कुछ नहीं होने का। मछुआरों को आना है तो वे आएंगे। हमें जाल में फंसना है तो हम फंसेंगे। किस्मत में मरना ही लिखा है तो क्या किया जा सकता है?'



इस प्रकार पिया तो उसी समय वहां से चली गई। रिया और चिया जलाशय में ही रही। भोर हुई तो मछुआरे अपने जाल को लेकर आए और लगे जलाशय में जाल फेंकने और मछलियां पकड़ने। रिया ने संकट को आए देखा तो लगी जान बचाने के उपाय सोचने। उसका दिमाग तेजी से काम करने लगा। आस-पास छिपने के लिए कोई खोखली जगह भी नहीं थी। तभी उसे याद आया कि उस जलाशय में काफी दिनों से एक मरे हुए ऊदबिलाव की लाश तैरती रही है। वह उसके बचाव के काम आ सकती है।



जल्दी ही उसे वह लाश मिल गई। लाश सड़ने लगी थी। रिया लाश के पेट में घुस गई और सड़ती लाश की सड़ाध अपने ऊपर लपेटकर बाहर निकली। कुछ ही देर में मछुआरे के जाल में रिया फंस गई। मछुआरे ने अपना जाल खींचा और मछलियों को किनारे पर जाल से उलट दिया। बाकी मछलियां तो तड़पने लगीं, परंतु रिया दम साधकर मरी हुई मछली की तरह पड़ी रही। मछुआरे को सड़ांध का भभका लगा तो मछलियों को देखने लगा। उसने निर्जीव पड़ी रिया को उठाया और सूंघा, 'आक! यह तो कई दिनों की मरी मछली हैं। सड़ चुकी है।' ऐसे बड़बड़ाकर बुरा-सा मुंह बनाकर उस मछुआरे ने रिया को जलाशय में फेंक दिया।



रिया अपनी बुद्धि का प्रयोग कर संकट से बच निकलने में सफल हो गई थी। पानी में गिरते ही उसने गोता लगाया और सुरक्षित गहराई में पहुंचकर जान की खैर मनाई।



चिया भी दूसरे मछुआरे के जाल में फंस गई थी और एक टोकरे में डाल दी गई थी। भाग्य के भरोसे बैठी रहने वाली चिया ने उसी टोकरी में अन्य मछलियों की तरह तड़प-तड़पकर प्राण त्याग दिए।


सीख : भाग्य के भरोसे हाथ पर हाथ धरकर बैठे रहने वाले का विनाश निश्चित है। पिया की तरह संकट का संकेत मिलते ही उपाय सोचना सबसे उत्तम है, रिया की तरह संकट आने पर दिमाग लगाना भी उचित हो सकता है लेकिन चिया की तरह भाग्य के भरोसे रहना सबसे खतरनाक है।


4.  दुष्टता का फल


कंचनपुर के एक धनी व्यापारी के घर में रसोई में एक कबूतर ने घोंसला बना रखा था । किसी दिन एक लालची कौवा जो है वो उधर से आ निकला । वंहा मछली को देखकर उसके मुह में पानी आ गया ।  तब उसके मन में विचार आया कि मुझे इस रसोघर में घुसना चाहिए लेकिन कैसे घुसू ये सोचकर वो परेशान था तभी उसकी नजर वो कबूतरों के घोंसले पर पड़ी ।


उसने सोचा कि मैं अगर कबूतर से दोस्ती कर लूँ तो शायद मेरी बात बन जाएँ । कबूतर जब दाना चुगने के लिए बाहर निकलता है तो कौवा उसके साथ साथ निकलता है । थोड़ी देर बाद कबूतर ने पीछे मुड़कर देखता तो देखा कि कौवा उसके पीछे है इस पर कबूतर ने कौवे से कहा भाई तुम मेरे पीछे क्यों हो इस पर कौवे ने कबूतर से कहा कि तुम मुझे अच्छे लगते हो इसलिए मैं तुमसे दोस्ती करना चाहता हूँ इस पर कौवे से कबूतर ने कहा कि हम कैसे दोस्त बन सकते है हमारा और तुम्हारा भोजन भी तो अलग अलग है मैं बीज खाता हूँ और तुम कीड़े । इस पर कौवे ने चापलूसी दिखाते हुए कहा “कौनसी बड़ी बात है मेरे पास घर नहीं है इसलिए हम साथ साथ तो रह ही सकते है है न और साथ ही भोजन खोजने आया करेंगे तुम अपना और मैं अपना ।”

इस पर

घर के मालिक ने देखा कि कबूतर के साथ एक कौवा भी है तो उसने सोचा कि चलो कबूतर का मित्र होगा इसलिए उसने उस बारे में अधिक नहीं सोचा । अगले दिन कबूतर खाना खोजने के लिए साथ चलने को कहता है तो कौवे ने पेट दर्द का बहाना बना कर मना कर दिया । इस पर कबूतर अकेला ही चला गया क्योंकि कौवे ने घर के मालिक को यह कहते हुए सुना था नौकर को कि आज कुछ मेहमान आ रहे है इसलिए तुम मछली बना लेना ।

उधर कौवा नौकर के रसोई से बाहर निकलने का इन्तजार ही कर रहा था कि उसके जाते ही कौवे ने थाली और झपटा और मछली उठाकर आराम से खाने लगा । नौकर जब वापिस आया तो कौवे को मछली खाते देख गुस्से से भर गया और उसने कौवे को पकड़ कर गर्दन मरोड़ कर मार डाला ।


जब शाम में कबूतर वापिस आया तो उसने कौवे की हालत देखी तो सारी बात समझ गया । इसलिए कहा गया है दुष्ट प्रकृति के प्राणी को उसके किये की सज़ा अवश्य मिलती है ।





Kids Story @ Mathiars

Kids Story @ Mathiars

Look... 

                   1. होशिहार लड़की 


 बहोत सालो पहले की बात है, एक छोटे गाव में, किसी व्यापारी ने बदकिस्मती से एक साहूकार से बहोत ज्यादा पैसे ले रखे थे। साहूकार, जो पुराना और चिडचिडा था, वह अपने पैसो के बदले में व्यापारी से सौदा करना चाहता था। वो कहता था की यदि उसकी शादी व्यापारी की खुबसूरत बेटी से हुई तो वह उसके द्वारा लिए पैसो को भूल जायेंगा। व्यापारी के इस प्रस्ताव से व्यापारी और उसकी बेटी दोनों ही चिंतित थे।
तभी व्यापारी ने कहा की – उसने एक खाली बैग में एक सफ़ेद और एक कला कंकड़ रखा है। उस लड़की को बैग में से कोई भी एक कंकड़ निकालना था। यदि उसकी बेटी ने काला कंकड निकाला तो वह लड़की साहूकार की पत्नी बन जाएँगी और उसकी पिता का कर्ज माफ़ कर दिया जायेंगा और यदि उस लड़की ने सफ़ेद कंकड़ निकाला तो उस लड़की की साहूकार से शादी नही होंगी और उसके पिता का कर्ज भी माफ़ कर दिया जायेंगा। लेकिन यदि उस लड़की ने कंकड़ निकालने से मना किया तो उसके पिता को जेल जाना होंगा।
उस समय पिता और बेटी व्यापारी कंकड़ भरे रास्ते पर खड़े थे। जैसा की साहूकार और उनके बिच सौदा हुआ था। साहूकार दो कंकड़ उठाने के लिए निचे झुका। जैसे ही साहूकार ने दो कंकड़ उठाये उस लड़की की तीखी नज़रो को दिख गया की साहूकार ने दोनों की काले कंकड़ उठाये और उन्हें ही बैग में डाला है। और ऐसा करने के बाद साहूकार ने उस लड़की को बैग में से कोई एक कंकड़ चुनने कहा।
यदि उस लड़की की जगह आप होते तो उस समय क्या करते? यदि आप उसे सलाह देना पसंद करोगे, तो आप उसे क्या सलाह दोंगे? ध्यान से परिस्थिती को देखने के बाद तीन ही संभावनाये हो सकती है

1. लड़की कंकड़ चुनने से इंकार कर दे।
2. लड़की ये बता दे की साहूकार ने बैग में दोनों ही काले कंकड़ डाले है, और साहूकार को धोखेबाज साबित करे।
3. लड़की उस बैग में से काले कंकड़ को चुने और अपने पिता को बचाने के लिए खुद को उस साहूकार से हवाले कर दे।ताकि उसके पिता का कर्ज भी माफ़ हो और उन्हें सजा भी ना मिले।
ये कहानी इस इरादे से कही गयी है की हम पश्च्विक पर तार्किक सोच के बिच के अंतर को जान सके।
उस लड़की ने बैग में हात डाला और कंकड़ बाहर निकाले। उसने जल्दी से एक कंकड़ निकाला और कंकड़ भरे रास्ते पर निकाले हुए कंकड़ को गिरा दिया। जल्द ही वह कंकड़ रास्ते पर दुसरे कंकडो में मिल गया।
उस लड़की ने तुरंत कहा, “ओह! मेरे हात से तो कंकड़ निचे गिर गया। लेकिन अभी भी कोई बात नही, हम अभी भी बैग में जो कंकड़ बचा हुआ है उस से पता कर सकते है की मैंने कोनसा कंकड़ चुना था।”
अब जब देखा गया तो बैग में सिर्फ काला कंकड़ ही बचा हुआ था, और ऐसा माना गया की उस लड़की ने सफ़ेद कंकड़ चुना था। और तभी से साहूकार की भी धोखेबाजी करने की हिम्मत नही हुई। और लड़की ने अपने दिमाग से खुद को भी बचा लिया और अपने पिता को भी बचा लिया। और असंभव को भी संभव कर दिया।


             2. ईमानदारी


राजेश अपने स्कूल में होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह को ले कर बहुत उत्साहित था। वह भी परेड़ में हिस्सा ले रहा था।
दूसरे दिन वह एकदम सुबह जग गया लेकिन घर में अजीब सी शांति थी। वह दादी के कमरे में गया, लेकिन वह दिखाई नहीं पड़ी।
"माँ, दादीजी कहाँ हैं?" उसने पूछा।
"रात को वह बहुत बीमार हो गई थीं। तुम्हारे पिताजी उन्हें अस्पताल ले गए थे, वह अभी वहीं हैं उनकी हालत काफी खराब है।
राजेश एकाएक उदास हो गया।
उसकी माँ ने पूछा, "क्या तुम मेरे साथ दादी जी को देखने चलोगे? चार बजे मैं अस्पताल जा रही हूँ।"
राजेश अपनी दादी को बहुत प्यार करता था। उसने तुरंत कहा, "हाँ, मैं आप के साथ चलूँगा।" वह स्कूल और स्वतंत्रता दिवस के समारोह के बारे में सब कुछ भूल गया।
स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह बहुत अच्छी तरह संपन्न हो गया। लेकिन प्राचार्य खुश नहीं थे। उन्होंने ध्यान दिया कि बहुत से छात्र आज अनुपस्थित हैं।
उन्होंने दूसरे दिन सभी अध्यापकों को बुलाया और कहा, "मुझे उन विद्यार्थियों के नामों की सूची चाहिए जो समारोह के दिन अनुपस्थित थे।"
आधे घंटे के अंदर सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों की सूची उन की मेज पर थी। कक्षा छे की सूची बहुत लंबी थी। अत: वह पहले उसी तरफ मुड़े।
जैसे ही उन्होंने कक्षा छे में कदम रखे, वहाँ चुप्पी सी छा गई। उन्होंने कठोरतापूर्वक कहा, "मैंने परसों क्या कहा था?"
"यही कि हम सब को स्वतंत्रता दिवस समारोह में उपस्थित होना चाहिए," गोलमटोल उषा ने जवाब दिया।
"तब बहुत सारे बच्चे अनुपस्थित क्यों थे?" उन्होंने नामों की सूची हवा में हिलाते हुए पूछा।
फिर उन्होंने अनुपस्थित हुए विद्यार्थियों के नाम पुकारे, उन्हें डाँटा और अपने डंडे से उनकी हथेलियों पर मार लगाई।
"अगर तुम लोग राष्ट्रीय समारोह के प्रति इतने लापरवाह हो तो इसका मतलब यही है कि तुम लोगों को अपनी मातृभूमि से प्यार नहीं है। अगली बार अगर ऐसा हुआ तो मैं तुम सबके नाम स्कूल के रजिस्टर से काट दूँगा।"
इतना कह कर वह जाने के लिए मुड़े तभी राजेश आ कर उन के सामने खड़ा हो गया।
"क्या बात है?"
"महोदय, राजेश भयभीत पर दृढ़ था, मैं भी स्वतंत्रता दिवस समारोह में अनुपस्थित था, पर आप ने मेरा नाम नहीं पुकारा।" कहते हुए राजेश ने अपनी हथेलियाँ प्राचार्य महोदय के सामने फैला दी।
सारी कक्षा साँस रोक कर उसे देख रही थी।
प्राचार्य कई क्षणों तक उसे देखते रहे। उनका कठोर चेहरा नर्म हो गया और उन के स्वर में क्रोध गायब हो गया।
"तुम सजा के हकदार नहीं हो, क्योंकि तुम में सच्चाई कहने की हिम्मत है। मैं तुम से कारण नहीं पूछूँगा, लेकिन तुम्हें वचन देना होगा कि अगली बार राष्ट्रीय समारोह को नहीं भूलोगे। अब तुम अपनी सीट पर जाओ।


       3. झील का राक्षस


एक जंगल में सभी जानवर मिलजुल कर रहते थे. उस जंगल में एक बहुत ही विशाल व सुंदर झील थी. जंगल के सभी जानवर उसी झील के पानी से अपनी प्यास बुझाते थे. सब कुछ हंसी-ख़ुशी चल रहा था कि इसी बीच न जाने कहां से एक भयानक राक्षस उस झील में रहने के लिए आ गया. उस राक्षस ने उस झील पर कब्ज़ा कर लिया और झील को ही अपना घर बना लिया. राक्षस ने जंगल के सभी जानवरों को उस झील में घुसने से व वहां का पानी इस्तेमाल करने से मना कर दिया.

इसी जंगल में बंदरों की एक विशाल टोली भी रहती थी. इस परेशानी से निपटने के लिए बंदरों ने सभा बुलाई. बंदरों के सरदार ने सभी बंदरों से कहा, “साथियो! हमारी झील पर एक राक्षस ने कब्ज़ा कर लिया और अगर हम में से कोई भी वहां गया, तो वो हमें खा जाएगा.”
बंदरों ने अपने सरदार से कहा, “लेकिन सरदार, पानी के बिना हमारा गुज़ारा कैसे होगा? हम तो प्यासे ही मर जाएंगे…”
सरदार ने कहा, “मुझे सब पता है, लेकिन अगर हमें सुख-शांति से रहना है, तो झील को छोड़ना ही होगा. बेहतर होगा कि हम सब नदी के पानी से ही गुज़ारा करें और झील के पानी का भूल ही जाएं.” सभी बंदर मान गए.

कई साल गुज़र गए और इस बीच जंगल के किसी भी जानवर ने उस झील की ओर रुख तक नहीं किया. तभी बहुत बड़ा अकाल पड़ा. नदी सूख चुकी थी. खाने और पानी की किल्लत के चलते जंगल के सभी जानवर उस जंगल को छोड़कर जाने लगे, लेकिन बंदरों को टोली को इस जंगल से बेहद लगाव था. उन्होंने इस समस्या से निपटने के लिए बैठक बुलाई. सभी बंदरों ने कहा, “अगर जल्द ही पानी की व्यवस्था नहीं हुई, तो हम सब मर जाएंगे. क्यों न हम झील का पानी इस्तेमाल करें, वहां का पानी कभी नहीं सूखता, लेकिन क्या वो राक्षस मानेगा?”
बंदरों के सरदार ने कहा, “एक तरीक़ा है, हम सबको उस राक्षस से विनती करनी चाहिए, शायद उसको हम पर तरस आ जाए और वो मान जाए.”

सभी बंदर झील के पास गए. बंदरों के सरदार ने झील के राक्षस को आवाज़ दी, “झील के मालिक, कृपया बाहर आकर हमारी विनती सुनें.”
थोड़ी देर में ही झील में से राक्षस बाहर निकला. उसकी आंखें गुस्से से लाल थीं. वो ज़ोर से चिंघाड़ते हुए बोला, “तुम लोग कौन हो और यहां क्यों आए हो? मैं आराम कर रहा था, मेरी नींद क्यों ख़राब की, इसका अंजाम जानते नहीं हो क्या?”

राक्षस की बात सुनकर बंदरों का सरदार विनती करते हुए दयनीय आवाज़ में बोलता है, “सरदार, महाराज, आप शक्तिशाली और महान हैं. इस जंगल में बहुत बड़ा अकाल पड़ा है. भूख-प्यास से सभी जानवर बेहाल है. अगर पानी नहीं मिला, तो हम सब मर जाएंगे. हम आपसे इस झील का पानी पीने की इजाज़त चाहते हैं.”

राक्षस और गुस्से में बोलता है, “मैं तुम में से किसी को भी इस झील में घुसने नहीं दुंगा, अगर किसी ने हिम्मत की, तो मैं उसे खा जाऊंगा.” यह बोलकर राक्षस वापस झील में चला जाता है.

सभी बंदर बेहद निराश-हताश हो जाते हैं. लेकिन बंदरों का सरदार कुछ सोचता रहता है. उसे एक तरकीब सूझती है. वो सभी बंदरों को बोलता है, “तुम में से कुछ बंदर झील के पास ही एक गहरा गड्ढा खोदो और बाकी के बंदर मेरे साथ बांस के खेत में चलो.”

बंदरों का सरदार बंदरों को लेकर बांस के खेत में चला गया. वहां जाकर उसने बंदरों को खेत के कुछ लंबे व मज़बूत बांसों को काटने का आदेश दिया. बंदरों ने अपना काम कर दिया. वहीं दूसरी ओर झील के पास भी गड्ढा खोदा जा चुका था. बंदरों के सरदार ने बांस लिया और बांस का एक सिरा झील में डुबाया और दूसरा सिरे को गड्ढे की तरफ़ मोड़कर उसमें से ज़ोर-ज़ोर से तब तक सांस खींचता रहा, जब तक कि उसमें से पानी न आ गया हो. देखते ही देखते झील में से पानी उस गड्ढे में जमा होता गया. यह देखकर झील का राक्षस गुस्से में बाहर आया, लेकिन चूंकि सारे बंदर झील के बाहर थे, तो वो उनका कुछ नहीं बिगाड़ सका. राक्षस गुस्से में ही वापस झील में चला गया. बंदरों ने ख़ुशी-ख़ुशी झील का मीठा पानी खूब  मज़े से पिया.

सीख: बुद्धि बल से बड़ी होती है. चाहे कोई कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, बुद्धि व समझदारी के सामने उसका बल मायने नहीं रखता, इसलिए बड़ी से बड़ी मुसीबत के समय भी अपना संयम नहीं खोना चाहिए और बुद्धि से काम लेना चाहिए

           4.   मोम का शेर 


सर्दियों के दिन थे, अकबर का दरबार लगा हुआ था। तभी फारस के राजा का भेजा एक दूत दरबार में उपस्थित हुआ।
राजा को नीचा दिखाने के लिए फारस के राजा ने मोम से बना शेर का एक पुतला बनवाया था और उसे पिंजरे में बंद कर के दूत के हाथों अकबर को भिजवाया, और उन्हे चुनौती दी की इस शेर को पिंजरा खोले बिना बाहर निकाल कर दिखाएं।
बीरबल की अनुपस्थिति के कारण अकबर सोच पड़ गए की अब इस समस्या को कैसे सुलझाया जाए। अकबर ने सोचा कि अगर दी हुई चुनौती पार नहीं की गयी तो जग हसायी होगी। इतने में ही परम चतुर, ज्ञान गुणवान बीरबल आ गए। और उन्होने मामला हाथ में ले लिया।
बीरबल ने एक गरम सरिया मंगवाया और पिंजरे में कैद  मोम के शेर को पिंजरे में ही पिघला डाला। देखते-देखते मोम  पिघल कर बाहर निकल गया ।

अकबर अपने सलाहकार बीरबल की इस चतुराई से काफी प्रसन्न हुए और फारस के राजा ने फिर कभी अकबर को चुनौती नहीं दी।


      5. मकड़ी, चीँटी और जाला


एक मकड़ी थी. उसने आराम से रहने के लिए एक शानदार जाला बनाने का विचार किया और सोचा की इस जाले मे खूब कीड़ें, मक्खियाँ फसेंगी और मै उसे आहार बनाउंगी और मजे से रहूंगी . उसने कमरे के एक कोने को पसंद किया और वहाँ जाला बुनना शुरू किया. कुछ देर बाद आधा जाला बुन कर तैयार हो गया. यह देखकर वह मकड़ी काफी खुश हुई कि तभी अचानक उसकी नजर एक बिल्ली पर पड़ी जो उसे देखकर हँस रही थी.
मकड़ी को गुस्सा आ गया और वह बिल्ली से बोली , ” हँस क्यो रही हो?”
 “हँसू नही तो क्या करू.” , बिल्ली ने जवाब दिया , ” यहाँ मक्खियाँ नही है ये जगह तो बिलकुल साफ सुथरी है, यहाँ कौन आयेगा तेरे जाले मे.”

ये बात मकड़ी के गले उतर गई. उसने अच्छी सलाह के लिये बिल्ली को धन्यवाद दिया और जाला अधूरा छोड़कर दूसरी जगह तलाश  करने लगी.  उसने ईधर ऊधर देखा. उसे एक खिड़की नजर आयी और फिर उसमे जाला बुनना शुरू किया कुछ देर तक वह जाला बुनती रही , तभी एक चिड़िया आयी और मकड़ी का मजाक उड़ाते हुए बोली , ” अरे मकड़ी , तू भी कितनी बेवकूफ  है.”

“क्यो ?”, मकड़ी ने पूछा.
चिड़िया उसे समझाने लगी , ” अरे यहां तो खिड़की से तेज हवा आती है. यहा तो तू  अपने जाले के साथ ही उड़ जायेगी.”

 मकड़ी को चिड़िया की बात ठीक लगीँ और वह वहाँ भी जाला अधूरा बना छोड़कर सोचने लगी अब कहाँ जाला बनायाँ जाये. समय काफी बीत चूका था और अब उसे  भूख भी लगने लगी थी .अब उसे एक आलमारी का खुला दरवाजा दिखा और उसने उसी मे अपना जाला बुनना शुरू  किया. कुछ जाला बुना ही था तभी उसे एक काक्रोच नजर आया जो जाले को अचरज भरे नजरो से देख रहा था.
मकड़ी ने पूछा – ‘इस तरह क्यो देख रहे हो?’
काक्रोच बोला-,” अरे यहाँ कहाँ जाला बुनने चली आयी ये तो बेकार की आलमारी है. अभी ये यहाँ पड़ी है कुछ दिनों बाद इसे बेच दिया जायेगा और तुम्हारी सारी मेहनत बेकार चली जायेगी. यह सुन कर मकड़ी ने वहां से हट जाना ही बेहतर समझा .
बार-बार प्रयास करने से वह काफी थक चुकी थी और उसके अंदर जाला बुनने की ताकत ही नही बची थी. भूख की वजह से वह परेशान थी. उसे पछतावा हो रहा था कि अगर पहले ही जाला बुन लेती तो अच्छा रहता. पर अब वह कुछ नहीं कर सकती थी उसी हालत मे पड़ी रही.
जब मकड़ी को लगा कि अब कुछ नहीं हो सकता है तो उसने पास से गुजर रही चींटी से मदद करने का आग्रह किया .

चींटी बोली, ” मैं बहुत देर से तुम्हे देख रही थी , तुम बार- बार अपना काम शुरू करती और दूसरों के कहने पर उसे अधूरा छोड़ देती . और जो लोग ऐसा करते हैं , उनकी यही हालत होती है.” और ऐसा कहते हुए वह अपने रास्ते चली गई और मकड़ी पछताती हुई निढाल पड़ी रही.

दोस्तों , हमारी ज़िन्दगी मे भी कई बार कुछ ऐसा ही होता है. हम कोई काम start करते है. शुरू -शुरू मे तो हम उस काम के लिये बड़े उत्साहित  रहते है पर लोगो की वजह से उत्साह कम होने लगता है और हम अपना काम बीच मे ही छोड़ देते है और जब बाद मे पता चलता है कि हम अपने सफलता के कितने नजदीक थे तो बाद मे पछतावे के अलावा कुछ नही बचता.

Our country India @ mathiars

Spoken Hindi             @ mathiars
     
1. मेरे देश भारत है ।


मेरे देश का नाम भारत है। भारत को इंडिया तथा हिंदुस्तान नाम से भी जाना जाता है। मेरे देश की जनसंख्‍या लगभग 1 अरब 21 करोड़ है। यहां अनेक बोलियों को बोलने वाले लोग निवास करते हैं।

मेरा देश धार्मिक विविधता वाला देश है। हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, ईसाई, मुस्लिम आदि धर्मों को यहां एक समान दृष्टि से देखा जाता है। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है।

भारत की सभ्यता और संस्कृति दुनिया भर में विख्‍यात है। इसी से अभिभूत होकर लाखों विदेशी नागरिक प्रतिवर्ष यहां घूमने के लिए आते हैं।

यहां अनेक संत और महात्माओं ने जन्म लिया है। राम, कृष्ण, बुद्ध, महावीर, कबीर, गांधी आदि महापुरुष हमारे आदर्श रहे हैं।


मेरा देश लोकतंत्र में विश्वास रखता है। यहां सभी को उन्नति करने के समान अवसर प्राप्त हैं।

भारत तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। अशिक्षा, गरीबी, बेरोजगारी आदि शत्रुओं से लोग डटकर मुकाबला कर रहे हैं। मेरे देश का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा है। 15 अगस्त और 26 जनवरी हमारे राष्ट्रीय त्योहार हैं।

भारत के नागरिकों को आशा है कि मेरा देश फिर से अपने प्राचीन गौरव को हासिल कर सकेगा और एक दिन विश्वगुरू बनेगा। मैं अपने देश से बहुत प्यार करता हूं।

Sunday, September 2, 2018

Dr. A. P. J. Abdul Kalam # mathiars

 ए.पी.जे. अब्दुल कलाम पर निबंध


जन्म: 15 अक्टूबर 1931, रामेश्वरम, तमिलनाडु
मृत्यु: 27 जुलाई, 20 15, शिलोंग, मेघालय
पद/कार्यभारत के पूर्व राष्ट्रपति
उपलब्धियां: एक वैज्ञानिक और इंजिनियर के तौर पर उन्होंने रक्षा अनुसन्धान और विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर कार्य किया
डॉ ए. पी. जे. अब्दुल कलाम एक प्रख्यात भारतीय वैज्ञानिक और भारत के 11वें राष्ट्रपति थे। उन्होंने देश के कुछ सबसे महत्वपूर्ण संगठनों (डीआरडीओ और इसरो) में कार्य किया। उन्होंने वर्ष 1998 के पोखरण द्वितीय परमाणु परिक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉ कलाम भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम और मिसाइल विकास कार्यक्रम के साथ भी जुड़े थे। इसी कारण उन्हें ‘मिसाइल मैन’ भी कहा जाता है। वर्ष 2002 में  कलाम भारत के राष्ट्रपति चुने गए और 5 वर्ष की अवधि की सेवा के बाद, वह शिक्षण, लेखन, और सार्वजनिक सेवा में लौट आए। उन्हें भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान, भारत रत्न सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
प्रारंभिक जीवन
अवुल पकिर जैनुलअबिदीन अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में एक मुसलमान परिवार मैं हुआ। उनके पिता जैनुलअबिदीन एक नाविक थे और उनकी माता अशिअम्मा एक गृहणी थीं। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थे इसलिए उन्हें छोटी उम्र से ही काम करना पड़ा। अपने पिता की आर्थिक मदद के लिए बालक कलाम स्कूल के बाद समाचार पत्र वितरण का कार्य करते थे। अपने स्कूल के दिनों में कलाम पढाई-लिखाई में सामान्य थे पर नयी चीज़ सीखने के लिए हमेशा तत्पर और तैयार रहते थे। उनके अन्दर सीखने की भूख थी और वो पढाई पर घंटो ध्यान देते थे। उन्होंने अपनी स्कूल की पढाई रामनाथपुरम स्च्वार्त्ज़ मैट्रिकुलेशन स्कूल से पूरी की और उसके बाद तिरूचिरापल्ली के सेंट जोसेफ्स कॉलेज में दाखिला लिया, जहाँ से उन्होंने सन 1954 में भौतिक विज्ञान में स्नातक किया। उसके बाद वर्ष 1955 में वो मद्रास चले गए जहाँ से उन्होंने एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की शिक्षा ग्रहण की।
कैरियर
मद्रास इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी से इंजीनियरिंग की पढाई पूरी करने के बाद कलाम ने रक्षा अनुसन्धान और विकास संगठन (डीआरडीओ) में वैज्ञानिक के तौर पर भर्ती हुए। कलाम ने अपने कैरियर की शुरुआत भारतीय सेना के लिए एक छोटे हेलीकाप्टर का डिजाईन बना कर किया। डीआरडीओ में कलाम को उनके काम से संतुष्टि नहीं मिल रही थी। कलाम पंडित जवाहर लाल नेहरु द्वारा गठित ‘इंडियन नेशनल कमेटी फॉर स्पेस रिसर्च’ के सदस्य भी थे। इस दौरान उन्हें प्रसिद्ध अंतरिक्ष वैज वो भारत के सॅटॅलाइट लांच व्हीकल  परियोजना के निदेशक के तौर पर नियुक्त किये गए थे। इसी परियोजना की सफलता के परिणामस्वरूप भारत का प्रथम उपग्रह ‘रोहिणी’ पृथ्वी की कक्षा में वर्ष 1980 में स्थापित किया गया। इसरो में शामिल होना कलाम के कैरियर का सबसे अहम मोड़ था और जब उन्होंने सॅटॅलाइट लांच व्हीकल परियोजना पर कार्य आरम्भ किया तब उन्हें लगा जैसे वो वही कार्य कर रहे हैं जिसमे उनका मन लगता है।
1963-64 के दौरान उन्होंने अमेरिका के अन्तरिक्ष संगठन नासा की भी यात्रा की। परमाणु वैज्ञानिक राजा रमन्ना, जिनके देख-रेख में भारत ने पहला परमाणु परिक्षण किया, ने कलाम को वर्ष 1974 में पोखरण में परमाणु परिक्षण देखने के लिए भी बुलाया था।
सत्तर और अस्सी के दशक में अपने कार्यों और सफलताओं से डॉ कलाम भारत में बहुत प्रसिद्द हो गए और देश के सबसे बड़े वैज्ञानिकों में उनका नाम गिना जाने लगा। उनकी ख्याति इतनी बढ़ गयी थी की तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गाँधी ने अपने कैबिनेट के मंजूरी के बिना ही उन्हें कुछ गुप्त परियोजनाओं पर कार्य करने की अनुमति दी थी।
भारत सरकार ने महत्वाकांक्षी ‘इंटीग्रेटेड गाइडेड मिसाइल डेवलपमेंट प्रोग्राम’ का प्रारम्भ डॉ कलाम के देख-रेख में किया। वह इस परियोजना के मुख कार्यकारी थे। इस परियोजना ने देश को अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलें दी है।
जुलाई 1992 से लेकर दिसम्बर 1999 तक डॉ कलाम प्रधानमंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार और रक्षा अनुसन्धान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के सचिव थे। भारत ने अपना दूसरा परमाणु परिक्षण इसी दौरान किया था। उन्होंने इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। आर. चिदंबरम के साथ डॉ कलाम इस परियोजना के समन्वयक थे। इस दौरान मिले मीडिया कवरेज ने उन्हें देश का सबसे बड़ा परमाणु वैज्ञानिक बना दिया।
भारत के राष्ट्रपति
एक रक्षा वैज्ञानिक के तौर पर उनकी उपलब्धियों और प्रसिद्धि के मद्देनज़र एन. डी. ए. की गठबंधन सरकार ने उन्हें वर्ष 2002 में राष्ट्रपति पद का उमीदवार बनाया। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी लक्ष्मी सहगल को भारी अंतर से पराजित किया और 25 जुलाई 2002 को भारत के 11वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लिया। डॉ कलाम देश के ऐसे तीसरे राष्ट्रपति थे जिन्हें राष्ट्रपति बनने से पहले ही भारत रत्न ने नवाजा जा चुका था। इससे पहले डॉ राधाकृष्णन और डॉ जाकिर हुसैन को राष्ट्रपति बनने से पहले ‘भारत रत्न’ से सम्मानित किया जा चुका था।
उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें ‘जनता का राष्ट्रपति’ कहा गया। अपने कार्यकाल की समाप्ति पर उन्होंने दूसरे कार्यकाल की भी इच्छा जताई पर राजनैतिक पार्टियों में एक राय की कमी होने के कारण उन्होंने ये विचार त्याग दिया।
12वें राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल के कार्यकाल के समाप्ति के समय एक बार फिर उनका नाम अगले संभावित राष्ट्रपति के रूप में चर्चा में था परन्तु आम सहमति नहीं होने के कारण उन्होंने अपनी उमीद्वारी का विचार त्याग दिया।
राष्ट्रपति पद से सेवामुक्त होने के बाद का समय
राष्ट्रपति पद से सेवामुक्त होने के बाद डॉ कलाम शिक्षण, लेखन, मार्गदर्शन और शोध जैसे कार्यों में व्यस्त रहे और भारतीय प्रबंधन संस्थान, शिल्लोंग, भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद, भारतीय प्रबंधन संस्थान, इंदौर, जैसे संस्थानों से विजिटिंग प्रोफेसर के तौर पर जुड़े रहे। इसके अलावा वह भारतीय विज्ञान संस्थान बैंगलोर के फेलो, इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ स्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी, थिरुवनन्थपुरम, के चांसलर, अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई, में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग के प्रोफेसर भी रहे।
उन्होंने आई. आई. आई. टी. हैदराबाद, बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी और अन्ना यूनिवर्सिटी में सूचना प्रौद्योगिकी भी पढाया था।
कलाम हमेशा से देश के युवाओं और उनके भविष्य को बेहतर बनाने के बारे में बातें करते थे। इसी सम्बन्ध में उन्होंने देश के युवाओं के लिए “व्हाट कैन आई गिव’ पहल की शुरुआत भी की जिसका उद्देश्य भ्रष्टाचार का सफाया है। देश के युवाओं में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें 2 बार (2003 & 2004) ‘एम.टी.वी. यूथ आइकॉन ऑफ़ द इयर अवार्ड’ के लिए मनोनित भी किया गया 
शिक्षण के अलावा डॉ कलाम ने कई पुस्तकें भी लिखी जिनमे प्रमुख हैं – ‘इंडिया 2020: अ विज़न फॉर द न्यू मिलेनियम’, ‘विंग्स ऑफ़ फायर: ऐन ऑटोबायोग्राफी’, ‘इग्नाइटेड माइंडस: अनलीशिंग द पॉवर विदिन इंडिया’, ‘मिशन इंडिया’, ‘इंडोमिटेबल स्पिरिट’ आदि।
पुरस्कार और सम्मान
देश और समाज के लिए किये गए उनके कार्यों के लिए, डॉ कलाम को अनेकों पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। लगभग 40 विश्वविद्यालयों ने उन्हें मानद डॉक्टरेट की उपाधि दी और भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण और भारत के सबसे बड़े नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ से अलंकृत किया।
वर्षसम्मानसंगठन
2014डॉक्टर ऑफ साइंसएडिनबर्ग विश्वविद्यालय , ब्रिटेन
2012डॉक्टर ऑफ़ लॉ ( मानद )साइमन फ्रेजर विश्वविद्यालय
2011आईईईई मानद सदस्यताआईईईई
2010डॉक्टर ऑफ़ इंजीनियरिंगवाटरलू विश्वविद्यालय
2009मानद डॉक्टरेटऑकलैंड विश्वविद्यालय
2009हूवर मेडलASME फाउंडेशन, संयुक्त राज्य अमेरिका
2009अंतर्राष्ट्रीय करमन वॉन विंग्स पुरस्कारकैलिफोर्निया प्रौद्योगिकी संस्थान , संयुक्त राज्य अमेरिका
2008डॉक्टर ऑफ़ इंजीनियरिंगनानयांग प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय , सिंगापुर
2007चार्ल्स द्वितीय पदकरॉयल सोसाइटी , ब्रिटेन
2007साइंस की मानद डाक्टरेटवॉल्वर हैम्प्टन विश्वविद्यालय , ब्रिटेन
2000रामानुजन पुरस्कारअल्वर्स रिसर्च सैंटर, चेन्नई
1998वीर सावरकर पुरस्कारभारत सरकार
1997राष्ट्रीय एकता के लिए इंदिरा गांधी पुरस्कारभारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
1997भारत रत्नभारत सरकार
1994विशिष्ट फेलोइंस्टिट्यूट ऑफ़ डायरेक्टर्स (भारत)
1990पद्म विभूषणभारत सरकार
1981पद्म भूषणभारत सरकार
मृत्यु: 27 जुलाई 2015 को भारतीय  प्रबंधन संस्थान, शिल्लोंग, में अध्यापन कार्य के दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा जिसके बाद करोड़ों लोगों के प्रिय और चहेते डॉ अब्दुल कलाम परलोक सिधार गए।

Saturday, September 1, 2018

Tense in Hindi @ mathiars

Visit www.bharathvidhyalay.com

Rules of Present Tenses

Present Indefinite Tense

Simple Rules : - Subject + First form of the Verb + s/es (With Third Persion Singular object) + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. मैं अपना पाठ याद करता हूँ ।
I learn my lesson.

Negative Rules : - Subject + Do/Does + Not + First form of the Verb + Object + Remaining Sentence ....
Example
1.मैं अपना पाठ याद नहीं करता हूँ ।
I do not learn my lesson.

Introgative Rules : - Do/Does + Subject + First form of the Verb + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. क्या वह किताब पड़ता है?
Does he read a book?

WH Family Rules : - WH Family Word + Do/Does + Subject + First form of the Verb + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
4. वह यहाँ क्यों आती है ?
Why does she come here?

Present Countinuous Tense

Simple Rules : - Subject + is/am/are + First form of the Verb + ing + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. राम एक पत्र लिख रहा है ।
Ram is writing a letter.

Negative Rules : - Subject + is/am/are + Not + First form of the Verb + ing + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. मैं मुंबई नहीं जा रहा हूँ ।
I am not going to Mumbai.

Introgative Rules : - Is/Am/Are + Subject + First form of the Verb + ing + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. क्या लड़कियाँ कमरे में पढ़ रही हैं ?
Are the girls reading in the room?

WH Family Rules : - WH Family Word + is/am/are + Subject + First form of the Verb + ing + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. तुम कमरे में क्या कर रहे हो ?
What are you doing in the room?

Present Perfect Tense

Simple Rules : - Subject + Has/Have + Third form of the Verb + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. राम स्कूल जा चुका है ।
Ram has gone to school.

Negative Rules : - Subject + Has/Have + Not + Third form of the Verb + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. उसने गाना नहीं गाया है ।
She has not sung the song.

Introgative Rules : - Has/Have + Subject + Third form of the Verb + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. क्या उसने अपनी गाय बेच दी है ?
Has he sold his cow?

WH Family Rules : - WH Family Word + Has/Have + Subject + Third form of the Verb + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. लड़का कहाँ भाग गया है ?
Where has the boy run away?

Present Perfect Countinuous Tense

Simple Rules : - Subject + Has Been/Have Been + First form of the Verb + ing + Object + Since/For + Time + Remaining Sentence ....
Example
1. राम इस किताब को दो घंटे से पढ़ रहा है ।
Ram has been reading this book for two hours.

Negative Rules : - Subject + Has/Have + Not + Been + First form of the Verb + ing + Object + Since/For + Time + Remaining Sentence ....
Example
1. वह दो दिन से नहीं पढ़ रही है ।
She has not been reading for two days.

Introgative Rules : - Has/Have + Subject + Been + First form of the Verb + ing + Object + Since/For + Time + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. क्या वह अपना काम तीन घंटे से कर रहा है ?
Has he been doing his work for three hours ?

WH Family Rules : - WH Family Word + Has/Have + Subject + Been + First form of the Verb + ing + Object + Since/For + Time + Remaining Sentence .... + ?
Example
तुम्हारा शाम से कौन इन्तजार कर रहा है ?

Who has been waiting for you since evening ? 

Rules of Past Tenses

Past Indefinite Tense

Simple Rules : - Subject + Second form of the Verb + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. उसने कल मुझे एक कलम दिया ।
He gave me a pen yesterday.

Negative Rules : - Subject + Did + Not + First form of the Verb + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. वह कल हॉकी नहीं खेला ।
He did not play hockey yesterday.

Introgative Rules : - Did + Subject + First form of the Verb + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. क्या उसने किताब पढ़ी ?
Did he read a book?

WH Family Rules : - WH Family Word + Did + Subject + First form of the Verb + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. तुम्हारा भाई कल कहाँ गया ?
Where did your brother go yesterday?

Past Countinuous Tense

Simple Rules : - Subject + Was/Were + First form of the Verb + ing + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. मैं अपनी किताब पढ़ रहा था ।
I was reading my book.

Negative Rules : - Subject + Was/Were + Not + First form of the Verb + ing + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. मैं मुम्बई नहीं जा रहा था ।
I was not going to Mumbai.

Introgative Rules : - Was/Were + Subject + First form of the Verb + ing + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. क्या हम बाज़ार जा रहे थे ?
Were we going to the market?

WH Family Rules : - WH Family Word + Was/Were + Subject + First form of the Verb + ing + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. किसान अपना खेत क्यों नहीं जॊत रहा था ?
Why was the farmer not ploughing his field?

Past Perfect Tense

Simple Rules : - Subject + Had + Third form of the Verb + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. वर्षा होने से पहले हम घर पहुँच चुके थे ।
We had reached home before it rained.

Negative Rules : - Subject + Had + Not + Third form of the Verb + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. मैंने यह घर पहले नहीं देखा था ।
I had not seen this house before.

Introgative Rules : - Had + Subject + Third form of the Verb + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. क्या मेरे स्कूल पहुँचने से पहले घंटा बज चुका था?
Had the bell rung before I reached the school?

WH Family Rules : - WH Family Word + Had + Subject + Third form of the Verb + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. हमारे आने से पहले वह लड़की कौन-सा गाना गा चुकी थी ?
Which song had that girl sung before we came?

Past Perfect Countinuous Tense

Simple Rules : - Subject + Had Been + First form of the Verb + ing + Object + Since/For + Time + Remaining Sentence ....
Example
1. सीमा सुबह से अपनी गुड़ियों से खेल रही थी ।
Seema had been playing with her dolls since morning.

Negative Rules : - Subject + Had + Not + Been + First form of the Verb + ing + Object + Since/For + Time + Remaining Sentence ....
Example
1. वह दो दिन से पढ़ नहीं रही थी ।
She had not been reading for two days.

Introgative Rules : - Had + Subject + Been + First form of the Verb + ing + Object + Since/For + Time + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. क्या वह तीन घंटे से अपना काम कर रहा था ?
Had he been doing his work for three hours ?

WH Family Rules : - WH Family Word + Had + Subject + Been + First form of the Verb + ing + Object + Since/For + Time + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. कुत्ते एक घंटे से क्यों दौड़ रहे थे ?
Why had the dogs been running for an hour ? 




Rules of Past Tenses

Past Indefinite Tense

Simple Rules : - Subject + Second form of the Verb + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. उसने कल मुझे एक कलम दिया ।
He gave me a pen yesterday.

Negative Rules : - Subject + Did + Not + First form of the Verb + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. वह कल हॉकी नहीं खेला ।
He did not play hockey yesterday.

Introgative Rules : - Did + Subject + First form of the Verb + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. क्या उसने किताब पढ़ी ?
Did he read a book?

WH Family Rules : - WH Family Word + Did + Subject + First form of the Verb + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. तुम्हारा भाई कल कहाँ गया ?
Where did your brother go yesterday?

Past Countinuous Tense

Simple Rules : - Subject + Was/Were + First form of the Verb + ing + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. मैं अपनी किताब पढ़ रहा था ।
I was reading my book.

Negative Rules : - Subject + Was/Were + Not + First form of the Verb + ing + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. मैं मुम्बई नहीं जा रहा था ।
I was not going to Mumbai.

Introgative Rules : - Was/Were + Subject + First form of the Verb + ing + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. क्या हम बाज़ार जा रहे थे ?
Were we going to the market?

WH Family Rules : - WH Family Word + Was/Were + Subject + First form of the Verb + ing + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. किसान अपना खेत क्यों नहीं जॊत रहा था ?
Why was the farmer not ploughing his field?

Past Perfect Tense

Simple Rules : - Subject + Had + Third form of the Verb + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. वर्षा होने से पहले हम घर पहुँच चुके थे ।
We had reached home before it rained.

Negative Rules : - Subject + Had + Not + Third form of the Verb + Object + Remaining Sentence ....
Example
1. मैंने यह घर पहले नहीं देखा था ।
I had not seen this house before.

Introgative Rules : - Had + Subject + Third form of the Verb + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. क्या मेरे स्कूल पहुँचने से पहले घंटा बज चुका था?
Had the bell rung before I reached the school?

WH Family Rules : - WH Family Word + Had + Subject + Third form of the Verb + Object + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. हमारे आने से पहले वह लड़की कौन-सा गाना गा चुकी थी ?
Which song had that girl sung before we came?

Past Perfect Countinuous Tense

Simple Rules : - Subject + Had Been + First form of the Verb + ing + Object + Since/For + Time + Remaining Sentence ....
Example
1. सीमा सुबह से अपनी गुड़ियों से खेल रही थी ।
Seema had been playing with her dolls since morning.

Negative Rules : - Subject + Had + Not + Been + First form of the Verb + ing + Object + Since/For + Time + Remaining Sentence ....
Example
1. वह दो दिन से पढ़ नहीं रही थी ।
She had not been reading for two days.

Introgative Rules : - Had + Subject + Been + First form of the Verb + ing + Object + Since/For + Time + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. क्या वह तीन घंटे से अपना काम कर रहा था ?
Had he been doing his work for three hours ?

WH Family Rules : - WH Family Word + Had + Subject + Been + First form of the Verb + ing + Object + Since/For + Time + Remaining Sentence .... + ?
Example
1. कुत्ते एक घंटे से क्यों दौड़ रहे थे ?
Why had the dogs been running for an hour ? 




IIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIIII

Noun - संज्ञा

संज्ञा - संज्ञा वह शब्द है जो व्यक्ति, वस्तु, स्थान, आदि के नाम के लिए प्रयोग होता है । 'वस्तु' शब्द में - गिने जाने वाले, ना-गिने जाने वाले, दिखने वाले, ना-दिखने वाले, घटनांए, भावनांए, आदि सभी शामिल है ।

Example:

Computer, table, book, speaker, fan, car, gold, glass. (names of things)
Delhi, London, New York, school, college, garden, AkShardham (names of places)
Vartika, Kanika, Tom, Ashoka, doctor, girl, Princess, Queen (names of persons)
Dog, cat, lion, rabbit, horse, donkey, monkey, parraot, bird (names of animals, birds)

Types of Noun

1 Common Noun
2 Proper Noun
3 Collective Noun
4 Abstract Noun
5 Countable Noun
6 Uncountable Noun

Common Noun -
कॉमन नाउन – आम व्यक्ति, वस्तु, स्थान कॉमन नाउन है । इंग्लिश में इसका पहला अक्षर छोटा होता है । कॉमन नाउन का पहला अक्षर तभी केपिटल लेटर से शुरू होता है जब वह वाक्य का पहला शब्द हो ।
Examples : toy, pen, room, garden man, girl, month, day, chair, school, boy, car, are common nouns because each of these nouns refers to a common thing, place or person.

Proper Noun -
प्रॉपर नाउन - खास व्यक्ति, वस्तु, स्थान प्रॉपर नाउन है । प्रॉपर नाउन को अंग्रेजी में केपिटल लेटर से शुरू करते हैं ।
Examples : Skoda Car, April, Monday, London, Mahatma Gandhi, India, are proper nouns because each of these nouns refers to a particular thing, place or person.

यदि कॉमन नाउन को खास बनाया जाए तो वह प्रॉपर नाउन बन जाता है - जैसे month कॉमन नाउन है परंतु यदि इसे अप्रेल या सितंबर का नाम दिया जाए तो यह प्रॉपर नाउन बन जाता है । प्रॉपर नाउन भी कभी कभी कॉमन नाउन के तौर पर इस्तेमाल होते हैं जैसे - वह हमारे परिवार का धंवंतरी है (प्रसिद्ध आयुर्वेद डाक्टर) है ।

Collective Noun -
कलेक्टिव नाउन – व्यक्ति, वस्तु, स्थान आदि का समुह जो एक नाम से जाना जाए वह कलेक्टिव नाउन है ।
Examples :crowd, mob, army, jury, family, parliament, committee. Each example denotes a group like crowd denotes a collection of people – The police dispersed the crowd.

Abstractive Noun -
एब्सट्रैक्ट नाउन – विशेषता, स्थिति या क्रिया बताने वाले शब्द एब्सट्रैक्ट नाउन है । इसे आप देख, सुन, चख और सूंघ नही सकते ।
Examples : Goodness, kindness, darkness, honesty, movement, judgement, laughter, youth, childhood, death, poverty.

Countable Noun -
कॉउंटेबल नाउन – व्यक्ति, वस्तु या स्थान जिसे गिना जा सकता है, कॉउंटेबल नाउन है ।
Examples : book, pen, student, doctor, cat, woman.

Uncountable Noun -
अन्कॉउंटेबल नाउन– ऐसी वस्तु या स्थिति जिसे गाना ना जा सके, अन्कॉउंटेबल नाउन है ।
Examples : milk, sugar, honesty, water, swimming, history, English, information. 


Sentenceवाक्यNoun
We all love honestyहम सब ईमानदारी पसंद करते हैं ।honesty
Mr Khurana is our English teacher.मि. खुराना हमारे इंग्लिश टीचर हैं ।Mr Khurana and teacher
Chair is made of woodकुर्सी लकड़ी से बनी है ।chair and wood
The Prime Minister is worrying about water.प्रधान मंत्री पानी के बारे में चिंता कर रहे हैं ।The Prime Minister and water
Mob has attacked the police station.भीड़ ने पुलिस स्टेशन पर हमला कर दिया है ।Mob and police station.
Emotions weak persons.भावनांए लोगो को कमजोर करती है ।Emotions and persons
I believe in your innocence.मैं तुम्हारी मासुमियत पर विश्वास करता हूँ ।innocence.
Our team is better than theirs.हमारी टीम उनकी टीम से बेहतर है ।team
He worships his work.वह अपने काम की पूजा करता है ।work
He congratulated on his birthday.उसने उसके जन्सदिवस पर बधाई दी ।birthday